चरण-दर-चरण इंटरैक्टिव पाठ के साथ सम और विषम संख्याओं का अभ्यास प्रश्नोत्तरी
पृष्ठ के ऊपर दिए प्रश्नोत्तरी से सम और विषम संख्याओं (इन्हें सम-विषमता भी कहते हैं) का अभ्यास करें। यदि आपको पुनरावृत्ति चाहिए, तो परिभाषाओं, पैटर्न, और संक्रियाओं के नियमों वाली चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका खोलने के लिए पाठ शुरू करें पर क्लिक करें।
यह सम और विषम संख्याओं का अभ्यास कैसे काम करता है
1. प्रश्नोत्तरी लें: पृष्ठ के ऊपर दिए सम/विषम प्रश्नों के उत्तर दें।
2. पाठ खोलें (वैकल्पिक): सम-विषमता जल्दी पहचानना सीखें और जोड़ तथा गुणा के लिए सम-विषम नियम लागू करें।
3. फिर प्रयास करें: प्रश्नोत्तरी पर लौटें और जो आपने दोहराया है उसे तुरंत लागू करें।
सम और विषम संख्याओं के पाठ में आप क्या सीखेंगे
अर्थ और शब्दावली
सम संख्याओं और विषम संख्याओं का अर्थ
सम-विषमता (सम/विषम) और 2 का गुणज
0 सम क्यों है (यह 2 से विभाज्य है)
सम या विषम जल्दी पहचानें
पूर्ण संख्याओं के लिए अंतिम अंक का नियम (0, 2, 4, 6, 8 बनाम 1, 3, 5, 7, 9)
जोड़ी बनाने का नियम: क्या बिना कुछ बचाए बराबर जोड़े बन सकते हैं?
अगली सम/विषम संख्या और बारी-बारी आने वाले पैटर्न
संक्रियाओं के लिए सम-विषमता नियम
सम + सम सम होता है, विषम + विषम सम होता है
सम + विषम विषम होता है (और घटाव में भी वही सम-विषमता पैटर्न चलता है)
सम × कुछ भी सम होता है; विषम × विषम विषम होता है
समस्या-समाधान और अभ्यास कौशल
पूरा हिसाब किए बिना तय करें कि योग या गुणनफल सम/विषम है
\(7 + 4\times 5\) जैसे व्यंजकों में पहले गुणा करें
सूची में विषम/सम संख्याएं गिनें और सबसे छोटी सम/विषम संख्या चुनें
प्रश्नोत्तरी पर वापस
जब आप तैयार हों, पृष्ठ के ऊपर वाले प्रश्नोत्तरी पर लौटें और सम व विषम संख्याओं का अभ्यास जारी रखें।
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सम & विषम पाठ
चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका
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सम और विषम पाठ
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पाठ सारांश
पाठ सारांश
उद्देश्य:सम और विषम संख्याओं की स्पष्ट समझ बनाएँ और भरोसेमंद सम-विषमता नियम सीखें जिन्हें आप किसी भी प्रश्न में उपयोग कर सकते हैं।
सफलता मानदंड
जोड़ी बनाने और 2 से विभाज्यता के आधार पर सम और विषम को परिभाषित करें।
अंतिम अंक के नियम से पहचानें कि कोई पूर्ण संख्या सम है या विषम।
दी गई संख्या के बाद अगली सम या अगली विषम संख्या निकालें।
योग या गुणनफल सम/विषम है या नहीं, यह तय करने के लिए सम-विषमता नियमों का उपयोग करें।
पहले गुणा करके व्यंजकों की सम-विषमता निकालें।
सूचियों और छोटी सीमाओं में सम/विषम संख्याएं गिनें और चुनें।
मुख्य शब्दावली
सम संख्या: 2 से विभाज्य पूर्ण संख्या (जिसके बिना कुछ बचाए जोड़े बन सकते हैं)।
विषम संख्या: 2 से विभाज्य न होने वाली पूर्ण संख्या (जोड़ी बनाते समय एक बचता है)।
सम-विषमता: कोई संख्या सम है या विषम।
2 का गुणज: \(2k\) रूप की कोई भी संख्या, जहां \(k\) पूर्ण संख्या है।
त्वरित पूर्व-जांच
पूर्व-जांच 1: कौन सी संख्या सम है?
संकेत: सम संख्या 0, 2, 4, 6, या 8 पर समाप्त होती है।
पूर्व-जांच 2: \(17\) के बाद अगली सम संख्या क्या है?
सीखने का लक्ष्य: समझाएं कि सम और विषम संख्याओं का क्या अर्थ है और सरल जांचों से सम-विषमता पहचानें।
मुख्य विचार
कोई पूर्ण संख्या सम है यदि आप उसे बिना कुछ बचाए दो बराबर समूहों में बांट सकते हैं। यह कहने जैसा ही है कि संख्या 2 से विभाज्य है। कोई पूर्ण संख्या विषम है यदि जोड़े बनाने पर एक वस्तु बच जाती है।
तेज जांच (अंतिम अंक का नियम)
पूर्ण संख्याओं के लिए अंतिम अंक देखें: सम संख्याएं \(0,2,4,6,8\) पर समाप्त होती हैं। विषम संख्याएं \(1,3,5,7,9\) पर समाप्त होती हैं।
हल किया गया उदाहरण
उदाहरण: तय करें कि \(14\) और \(15\) सम हैं या विषम
\(14\) का अंतिम अंक \(4\) है, इसलिए \(14\) सम है। \(15\) का अंतिम अंक \(5\) है, इसलिए \(15\) विषम है।
खुद कोशिश करें
खुद कोशिश 1: \(42\) सम है या विषम?
संकेत: \(42\) का अंतिम अंक \(2\) है।
खुद कोशिश 2: इनमें से कौन सी संख्या विषम है?
संकेत: विषम संख्याएं \(1,3,5,7,9\) पर समाप्त होती हैं।
सारांश
सम का अर्थ है 2 से विभाज्य (बिना कुछ बचाए जोड़े बनते हैं)।
विषम का अर्थ है 2 से विभाज्य नहीं (जोड़ी बनाते समय एक बचता है)।
अंतिम अंक का नियम पूर्ण संख्याओं की सम-विषमता जांचने का तेज तरीका है।
अगली सम / अगली विषम
अगली सम और अगली विषम संख्याएं
सीखने का लक्ष्य: अगली सम या विषम संख्या निकालें और समझाएं कि सम-विषमता बारी-बारी क्यों बदलती है।
मुख्य विचार
पूर्ण संख्याएं दोहराए जाने वाले पैटर्न में चलती हैं: सम, विषम, सम, विषम। \(1\) जोड़ने पर सम-विषमता बदलती है: सम + 1 = विषम और विषम + 1 = सम। \(2\) जोड़ने पर वही सम-विषमता रहती है।
बीजगणित से संबंध
सम संख्या को \(2k\) लिखा जा सकता है। विषम संख्या को \(2k+1\) लिखा जा सकता है। इसलिए यदि \(n\) विषम है, तो \(n+1\) सम है।
हल किया गया उदाहरण
उदाहरण: \(5\) के बाद अगली विषम संख्या
विषम संख्याएं \(2\)-\(2\) बढ़ती हैं: \(\dots,3,5,7,9,\dots\)। \(5\) के बाद अगली विषम संख्या \(7\) है।
खुद कोशिश करें
खुद कोशिश 1: \(13\) के बाद अगली विषम संख्या क्या है?
संकेत: अगली विषम संख्या पाने के लिए विषम संख्या में 2 जोड़ें।
सीखने का लक्ष्य: सम-विषमता नियमों से तय करें कि योग और अंतर सम हैं या विषम।
मुख्य नियम (जोड़)
सम + सम = सम
विषम + विषम = सम
सम + विषम = विषम (और विषम + सम = विषम)
मुख्य नियम (घटाव)
सम − सम = सम
विषम − विषम = सम
सम − विषम = विषम और विषम − सम = विषम
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: \(7 + 9\) सम है या विषम?
\(7\) विषम है और \(9\) विषम है। विषम + विषम = सम, इसलिए \(7 + 9\) सम है (वास्तव में, \(7+9=16\))।
उदाहरण 2: \(100 + 101 + 102\) सम है या विषम?
\(100\) सम है, \(101\) विषम है, \(102\) सम है। सम + विषम = विषम, फिर विषम + सम = विषम। इसलिए \(100 + 101 + 102\) विषम है (योग \(303\) है)।
खुद कोशिश करें
खुद कोशिश 1: \(5 + 4\) सम है या विषम?
संकेत: विषम + सम = विषम।
खुद कोशिश 2: \(4 + 5 + 6\) सम है या विषम?
संकेत: \(4\) सम है, \(5\) विषम है, \(6\) सम है। सम-विषमता को चरण-दर-चरण देखें।
सारांश
दो विषम संख्याओं को जोड़ने पर सम संख्या बनती है।
एक विषम और एक सम संख्या जोड़ने पर विषम संख्या बनती है।
घटाव में भी जोड़ जैसे ही सम-विषमता पैटर्न चलते हैं।
गुणा में सम-विषमता
गुणा के लिए सम और विषम नियम
सीखने का लक्ष्य: सरल सम-विषमता नियमों से तय करें कि गुणनफल सम है या विषम।
मुख्य नियम
सम × कुछ भी = सम (क्योंकि कम से कम एक 2 का गुणनखंड होता है)।
विषम × विषम = विषम (2 का कोई गुणनखंड नहीं आता)।
0 सम है क्योंकि \(0 = 2\times 0\) (यह 2 से विभाज्य है)।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: \(3 \times 5\) सम है या विषम?
\(3\) विषम है और \(5\) विषम है। विषम × विषम = विषम, इसलिए \(3 \times 5\) विषम है (वास्तव में, \(3\times 5=15\))।
उदाहरण 2: \(6 \times 9\) सम है या विषम?
\(6\) सम है, इसलिए गुणनफल \(6 \times 9\) सम है (सम × कुछ भी = सम)।
खुद कोशिश करें
खुद कोशिश 1: दो विषम संख्याओं का गुणनफल सम होता है या विषम?
संकेत: विषम संख्याओं में 2 का गुणनखंड नहीं होता, और विषम × विषम विषम ही रहता है।
खुद कोशिश 2: \(12 \times 7\) सम है या विषम?
संकेत: यदि एक गुणनखंड सम है, तो गुणनफल सम होता है।
सारांश
सम × कुछ भी सम होता है।
विषम × विषम विषम होता है।
पूरा गुणनफल निकाले बिना सम-विषमता जल्दी तय करने के लिए नियमों का उपयोग करें।
व्यंजक
व्यंजकों में सम या विषम: पहले गुणा
सीखने का लक्ष्य: क्रिया-क्रम और सम-विषमता नियमों से तय करें कि कोई व्यंजक सम है या विषम।
मुख्य विचार
जब किसी व्यंजक में \(+\) या \(−\) और \( \times \) हों, तो पहले गुणा करें (फिर जोड़ें या घटाएं)। अक्सर हर अंकगणितीय चरण किए बिना ही सम-विषमता तय की जा सकती है।
हल किया गया उदाहरण
उदाहरण: \(7 + 4\times 5\) सम है या विषम?
चरण 1: पहले गुणा करें: \(4\times 5\) सम है (सम × कुछ भी = सम)। चरण 2: जोड़ें: \(7\) विषम है, और विषम + सम = विषम। इसलिए \(7 + 4\times 5\) विषम है (यह \(27\) के बराबर है)।
खुद कोशिश करें
खुद कोशिश 1: \(15 - 6\times 2\) सम है या विषम?
संकेत: \(6\times 2\) सम है। विषम − सम विषम रहता है।
\(100\) सम है, \(101\) विषम है, \(102\) सम है। सम + विषम = विषम, और विषम + सम = विषम। इसलिए कुल योग विषम है (योग \(303\) है)।
सारांश
मिश्रित व्यंजकों में पहले गुणा करें।
भारी गणना के बिना सम/विषम तय करने के लिए सम-विषमता नियमों का उपयोग करें।
लंबे व्यंजकों में सम-विषमता को चरण-दर-चरण देखें।
सूचियां और गिनती
सम और विषम संख्याएं खोजें और गिनें
सीखने का लक्ष्य: सूची में सबसे छोटी सम/विषम संख्या चुनें और गिनें कि कितनी सम/विषम संख्याएं हैं।
मुख्य विचार
सूची वाले प्रश्न हल करने के लिए पहले हर संख्या को सम या विषम चिन्हित करें (अंतिम अंक का नियम उपयोग करें)। फिर आप सम/विषम संख्याओं को गिन सकते हैं या सबसे छोटी संख्या खोजने के लिए संख्याओं की तुलना कर सकते हैं।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: \([1,2,3,4,5]\) में कितनी विषम संख्याएं हैं?
विषम संख्याएं \(1,3,5\) हैं। उत्तर: \(3\) विषम संख्याएं हैं।
उदाहरण 2: \([5, 8, 11, 14]\) में सबसे छोटी सम संख्या कौन सी है?
सम संख्याएं \(8\) और \(14\) हैं। उत्तर: सबसे छोटी सम संख्या \(8\) है।
\([131,132,133,134]\) में सबसे छोटी विषम संख्या \(131\) है।
\(8\) के बाद अगली विषम संख्या \(9\) है।
\(17\) के बाद अगली सम संख्या \(18\) है।
सारांश
हर संख्या को सम/विषम चिन्हित करने के लिए अंतिम अंक का नियम उपयोग करें।
“कितनी” वाले प्रश्नों का उत्तर देने के लिए चिन्हित संख्याओं को गिनें।
सबसे छोटी सम/विषम संख्या खोजने के लिए केवल उसी सम-विषमता वाली संख्याओं की तुलना करें।
अनुप्रयोग और पैटर्न
सम और विषम संख्याएं क्यों महत्वपूर्ण हैं
सीखने का लक्ष्य: सम-विषमता को पैटर्न, जोड़ी बनाने की स्थितियों, और गणित में तेज तर्क से जोड़ें।
आप सम-विषमता कहां उपयोग करते हैं
जोड़े बनाना: क्या हर व्यक्ति का साथी बन सकता है और कोई बचता नहीं?
मानसिक गणित: तेज गलती-जांच के लिए तय करें कि उत्तर सम होना चाहिए या विषम।
बीजगणित: सभी सम और विषम संख्याओं को बताने के लिए \(2k\) और \(2k+1\) का उपयोग करें।
कंप्यूटिंग: कई प्रणालियां सरल गलतियां पकड़ने के लिए “सम/विषम” (सम-विषमता) जांच उपयोग करती हैं।
हल किया गया उदाहरण: जोड़ी बनाना
उदाहरण: एक कक्षा में \(14\) विद्यार्थी हैं। क्या शिक्षक बिना किसी को छोड़े जोड़े बना सकता है?
\(14\) सम है, इसलिए इसे दो बराबर समूहों में बांटा जा सकता है या बिना कुछ बचाए जोड़े बनाए जा सकते हैं। उत्तर: हां — \(14\) विद्यार्थी \(7\) जोड़े बना सकते हैं।
खुद कोशिश करें
खुद कोशिश 1: एक टीम में \(15\) खिलाड़ी हैं। यदि आप जोड़े बनाने की कोशिश करें, तो क्या कोई बचेगा?
संकेत: विषम का अर्थ है जोड़ी बनाते समय एक बचना।
अंतिम सारांश
सम संख्याएं 2 से विभाज्य होती हैं; विषम संख्याएं नहीं होतीं।
गिनते समय सम-विषमता बारी-बारी आती है: सम, विषम, सम, विषम।
योग और गुणनफल सम/विषम है या नहीं, यह तय करने के लिए सम-विषमता नियमों का उपयोग करें।
मिश्रित व्यंजकों में पहले गुणा करें, फिर सम-विषमता लागू करें।
सम-विषमता पैटर्न, जोड़ी बनाने, और तेज गलती-जांच के लिए उपयोगी है।
अगला कदम: यह पाठ बंद करें और अपना प्रश्नोत्तरी फिर से आजमाएं। यदि कोई प्रश्न छूट जाए, तो पुस्तक फिर खोलें और उस कौशल से मेल खाता पृष्ठ दोहराएं।